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दोनों परीक्षाओं में प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र उत्तीर्ण घोषित किये जायेंगे, लेकिन जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाऐं होती हैं, उनमें परिषदीय नियमों के अनुसार प्रयोगिक और सैद्धान्तिक परीक्षाओं में कक्षा 9 में 10/30 व 23/70 अंक पाना अनिवार्य होगा। |
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एक सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र को चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर कक्षोन्नति प्रदान की जायेगी। यदि एक परीक्षा के सभी विषयों में प्राप्तांक 33 प्रतिशत है और उस परीक्षा में नियमानुसार सैद्धान्तिक तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तीर्णांक प्राप्त कर लेता है। |
| 3 |
दोनों सम्पूर्ण परीरक्षाओं में सम्मिलित होने वाले कक्षा 9 के छात्रों को दो विषयों में कुल 10 अंकों का कृपांक देय होगा, जबकि एक सम्पूर्ण परीक्षा देने वाले छात्रों को नियमानुसार कुल 5 अंकों का ही कृपांक दिया जा सकेगा। |
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कक्षा 9 में केवल एक ही परीक्षा वार्षिक परीक्षा होगी, तीसरी मासिक परीक्षा अर्ध्दवार्षिक परीक्षा के साथ होगी। |
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प्रोन्नति के लिए कृपांक नियमानुसार विषय योग में जुड़ेगा किन्तु सम्पूर्ण योग में नहीं जोड़ा जायेगा। |
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यदि कोई छात्र अर्ध्दवार्षिक व वार्षिक दोनों परीक्षाओं में सम्मिलित हुआ है किन्तु दोनों परीक्षाओं में मिलाकर अनुत्तीर्ण रहता है तो ऐसे छात्र को केवल वार्षक परीक्षा के आधार पर प्रोन्नत घोषित किया जा सकता है, किन्तु वार्षिक परीक्षा में प्राप्तांक का सम्पूर्ण योग 40 प्रतिशत अनिवार्य है। |
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छात्र द्वारा अनुचित साधन का प्रयोग किये जाने पर अनुचित साधन प्रयोग की टिप्पणी भी अंकित की जाएगी। |
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ऐसे छात्रों के परीक्षाफल दिये जाने की प्रक्रिया का अन्तिम निर्णय प्रधानाचार्य का होगा। |